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सुहाना सफर बाली का
द्वारा Uddhav Bhaiwal

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यूँ ही राह चलते चलते - 31 - अंतिम भाग
द्वारा Alka Pramod

यूँ ही राह चलते चलते -31- आज यात्रा अपने किनारे पर आ चुकी थी, सब को वापस जाना था । अन्तिम रात्रि को फेयरवेल डिनर था जहाँ सब की ...

यूँ ही राह चलते चलते - 30
द्वारा Alka Pramod

यूँ ही राह चलते चलते -30- सुमित ने मेट्रो ट्रेन और स्टेशन तक जाने का रास्ता बता दिया और सबको स्वतंत्र कर दिया घूमने के लिये। अर्चिता ने यशील ...

यूँ ही राह चलते चलते - 29
द्वारा Alka Pramod

यूँ ही राह चलते चलते -29- यात्रा अपने अंतिम पड़ाव पर आ गयी थी अब उस देश को जाना था जिसका राज्य कभी इतनी दूर तक विस्तृत था कि ...

यूँ ही राह चलते चलते - 28
द्वारा Alka Pramod

यूँ ही राह चलते चलते -28- नीदरलैण्ड मात्र अपनी प्राकृतिक सुन्दरता और यहाँ के लोगों के कलात्मक रुचि के लिये ही नहीं जाना जाता है वरन् ईश्वर ने इस ...

यूँ ही राह चलते चलते - 27
द्वारा Alka Pramod

यूँ ही राह चलते चलते -27- यात्रा लगभग पूरी होने को थी अगला पड़ाव नीदरलैंड था।वहाँ की राजधानी एम्स्टर्डम जाने के मार्ग में कतार में पवन चक्कियाँ दिखायी पड़ ...

यूँ ही राह चलते चलते - 26
द्वारा Alka Pramod

यूँ ही राह चलते चलते -26- आज सब बेल्जियम की राजधानी ब्रूसेल्स में थे । ‘‘सर यहाँ की भाषा क्या है’’ चंदन ने पूछा। ‘‘फ्रेंच इंगलिश और फ्लेमिश भाषा ...

यूँ ही राह चलते चलते - 25
द्वारा Alka Pramod

यूँ ही राह चलते चलते -25- उसके बाद उनका काफिला पेरिस के नेशनल म्यूजियम गया जो विश्व में सबसे बड़ा है और यू आकार का है । इसके अतिरिक्त ...

यूँ ही राह चलते चलते - 24
द्वारा Alka Pramod

यूँ ही राह चलते चलते -24- सब टावर के सिक्योरिटी गेट तक पहुँच गये थे। सिक्योरिटी चेक के बाद लोग लिफ्ट से ऊपर गये टावर के केवल दो तल ...

यूँ ही राह चलते चलते - 23
द्वारा Alka Pramod

यूँ ही राह चलते चलते -23- यात्रा का अगला लक्ष्य था फ्रांस और फ्रांस में भी सपनों का शहर पेरिस। कल की बहस के बाद आज जब सुमित बोलने ...

यूँ ही राह चलते चलते - 21
द्वारा Alka Pramod
  • 231

यूँ ही राह चलते चलते -21- आज उन्हें स्विटजरलैंड से आगे के सफर के लिये निकलना था चार दिन रह कर भी मन नहीं भरा था। उनका वश चलता ...

यूँ ही राह चलते चलते - 20
द्वारा Alka Pramod
  • 284

यूँ ही राह चलते चलते -20- अगले दिन सबको 10000 फीट की ऊँचाई पर माउंट टिटलिस जाना था । सब मना रहे थे कि आज बर्फबारी न हो और ...

यूँ ही राह चलते चलते - 19
द्वारा Alka Pramod
  • 254

यूँ ही राह चलते चलते -19- तभी संजना ने आवाज दी ‘‘आंटी इधर आइये देखिये कितना अद्भुत दृश्य है ।’’ चारों फोटोग्राफी छोड़ कर उस गैलरी से बाहर खुले ...

यूँ ही राह चलते चलते - 18
द्वारा Alka Pramod
  • 337

यूँ ही राह चलते चलते - 18 - सुबह-सुबह सब लोग ठीक आठ बजे सर्दी का सामना करने के लिये पूरी तरह लैस हो कर तैयार थे। सभी ने ...

यूँ ही राह चलते चलते - 16
द्वारा Alka Pramod
  • 293

यूँ ही राह चलते चलते -16- ज्यूरिख से सब एंजलबर्ग गये । राह में सुमित ने सदा की तरह अपना माइक पकड़ा और उन जगहों के इतिहास भूगोल से ...

यूँ ही राह चलते चलते - 17
द्वारा Alka Pramod
  • 280

यूँ ही राह चलते चलते -17- ’’ अरे भाई मैडम आप भी आ जाओ आपकी फोटो लें ले नहीं तो कहोगी कि एक महिम है मान्या की इतनी फोटो ...

यूँ ही राह चलते चलते - 15
द्वारा Alka Pramod
  • 258

यूँ ही राह चलते चलते -15- रजत तो बस के बाहर के अप्रतिम सौंदर्य में खोये थे, यह अस्वाभाविक भी नहीं था चारों ओर दूर दूर तक फैली ऊँची ...

यूँ ही राह चलते चलते - 14
द्वारा Alka Pramod
  • 471

यूँ ही राह चलते चलते -14- कारवाँ चल पड़ा धरती के स्वर्ग स्विटजरलैंड । सुबह ठीक आठ बजे ही सब उपस्थित थे ब्रेकफास्ट करने के लिये, मानो स्विट्जरलैंड में ...

यूँ ही राह चलते चलते - 13
द्वारा Alka Pramod
  • 286

यूँ ही राह चलते चलते -13- यशील सप्रयास वान्या से दूर रहने का प्रयास कर रहा था और इस परिवर्तन को अर्चिता अनुभव कर रही थी । अवश्य संकेत ...

यूँ ही राह चलते चलते - 12
द्वारा Alka Pramod
  • 348

यूँ ही राह चलते चलते -12- वहीं पर एक टाइलोरियन पिलर था।मीना श्रेष्ठ जिन्होंने काफी समय से अपने ज्ञान का ढिंढोरा नही पीटा था कहा ’’सुमित मुझे पता है ...

यूँ ही राह चलते चलते - 11
द्वारा Alka Pramod
  • 302

यूँ ही राह चलते चलते -11- सुबह ग्रुप के काफी लोग लाबी में एकत्र हो गए थे सुमित ने कहा ‘‘ आज हमारे ग्रुप में एक सदस्य और जुड़ ...

यूँ ही राह चलते चलते - 10
द्वारा Alka Pramod
  • 394

यूँ ही राह चलते चलते -10- लौटते में सब को सुमित वेनिस की एक गली में ले गये, वह एक सँकरी पर साफ-सुथरी गली थी । वहाँ सुमित ने ...

यूँ ही राह चलते चलते - 9
द्वारा Alka Pramod
  • 321

यूँ ही राह चलते चलते -9- आज का लक्ष्य वेनिस था, वही वेनिस जिसे शेक्सपियर के बहुचर्चित उपन्यास ’मर्चेन्ट आफ वेनिस‘ ने लोकप्रिय बना दिया था। पानी पर बसा ...

यूँ ही राह चलते चलते - 8
द्वारा Alka Pramod
  • 416

यूँ ही राह चलते चलते -8- रोम में पहुँच कर शाम का समय खाली था तो सब गाने के मूड में आ गये। निमिषा ने अपने मधुर गीत से ...

यूँ ही राह चलते चलते - 7
द्वारा Alka Pramod
  • 395

यूँ ही राह चलते चलते -7- सुमित ने सबको वहाँ से आगे चलने के लिये कहा, अगला पड़ाव था ट्रेवी फाउन्टेन । दुकानों से सजी एक गली को पार ...

यूँ ही राह चलते चलते - 6
द्वारा Alka Pramod
  • 424

यूँ ही राह चलते चलते -6- आज का दिन रोम के नाम था, सबसे पहले सबको कोलोसिमय दिखाने की योजना थी। रोम के नाम पर ही अनुभा का मन ...

यूँ ही राह चलते चलते - 5
द्वारा Alka Pramod
  • 535

यूँ ही राह चलते चलते -5 - लेवेरियान के पोर्ट पर क्रूस से उतर कर सब बाहर आये। निमिषा ने सचिन से कहा ‘‘ आज तो तुम मेरे पाँवों ...

यूँ ही राह चलते चलते - 4
द्वारा Alka Pramod
  • 463

यूँ ही राह चलते चलते -4- कोच आया तो अपनी आयु को भूल कर कोच में आगे सीट के लिये सभी दौड़ पडे़। सब सीट लेने में व्यस्त थे ...

यूँ ही राह चलते चलते - 3
द्वारा Alka Pramod
  • 716

यूँ ही राह चलते चलते -3- आज से तीन दिनों तक सबको क्रूस (पानी के जहाज ) का आनन्द उठाना था । क्रूस उनकी प्रतीक्षा में पलकें बिछाए, सागर ...