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जीवन की कहानियां - एक नई यात्रा ?
द्वारा राकेश सोहम्

एक नई यात्रा  दिसम्बर की स्याह सर्द रात प्रकृति के कोने-कोने में पसर चुकी थी । उसने अपने आप को गर्म शाल के अंदर गठरीनुमा बांध लिया था । रेल्वे प्लेटफार्म ...

पूर्णता की चाहत रही अधूरी - 20 - अंतिम भाग
द्वारा Lajpat Rai Garg

पूर्णता की चाहत रही अधूरी लाजपत राय गर्ग बीसवाँ अध्याय नीलू को कॉलेज आये अभी एक हफ्ता ही हुआ था कि एक दिन जब शाम को वह हॉस्टल पहुँची ...

नानी तुमने कभी प्यार किया था - 12
द्वारा महेश रौतेला

नानी तुमने कभी प्यार किया था?भाग-12कहानी जो वह कह न सका।उस दिन उसने अपने प्यार को कहने की ठानी।बातों में वह कह नहीं पा रहा था। अत: उसने लिख ...

पूर्णता की चाहत रही अधूरी - 19
द्वारा Lajpat Rai Garg

पूर्णता की चाहत रही अधूरी लाजपत राय गर्ग उन्नीसवाँ अध्याय तीन दिन हो गये थे कैप्टन प्रीतम सिंह को शिमला आये हुए। पहले दिन तो शिमला पहुँचने के बाद ...

पूर्णता की चाहत रही अधूरी - 18
द्वारा Lajpat Rai Garg

पूर्णता की चाहत रही अधूरी लाजपत राय गर्ग अठारहवाँ अध्याय अम्बाला के लिये निकलने से पहले हरीश ने एडवोकेट सूद को फ़ोन कर दिया था। इसलिये जब वह सूद ...

मृगछलना
द्वारा राज बोहरे

                   मृगछलना आसमान में हलके से बादल थे। श्वेत-धवल बादल। धूप में खूब गर्माहट थी लेकिन हवा सुरीली (ठंड़ी) थी। यह बसंत का मौसम था। सर्दी जा रहीं थी ...

फरेब - 11
द्वारा Raje.

जगह: कस्तूरबा आश्रम वक्त: सुबह की आरती। आरती खत्म होते ही। बा- બધી છોકરીઓ ધ્યાનથી સાંભળો (फिर एक लड़के की तरफ इशारा करके) એ છોકરા તું આગળ આવ. જો ...

पूर्णता की चाहत रही अधूरी - 17
द्वारा Lajpat Rai Garg

पूर्णता की चाहत रही अधूरी लाजपत राय गर्ग सत्रहवाँ अध्याय कैप्टन ग़ुस्से में घर से तो निकल आया था। सड़क पर आने पर उसे होश आया। भावी परिणाम की ...

पूर्णता की चाहत रही अधूरी - 16
द्वारा Lajpat Rai Garg

पूर्णता की चाहत रही अधूरी लाजपत राय गर्ग सोलहवाँ अध्याय मीनाक्षी और नीलू ने दोपहर का खाना इकट्ठे बैठकर खाया था। खाने के बाद बहादुर बर्तन उठा लेकर गया ...

Love birds
द्वारा Monty Khandelwal

आज कल तो कॉलेज जाना का मतलब ही बदल गया  ज्यादातर लड़के लड़कियां चाहते हैं की जब मैं college जाउँगा  तो मेरे भी कोई Gf - Bf हो उसको  में  ...

पूर्णता की चाहत रही अधूरी - 15
द्वारा Lajpat Rai Garg

पूर्णता की चाहत रही अधूरी लाजपत राय गर्ग पन्द्रहवाँ अध्याय होली से अगला दिन। हरीश कार्यालय के अपने कमरे में बैठा काम निपटाने में व्यस्त था कि उसके स्टेनो ...

मिडिल बर्थ - 3
द्वारा Ajay Kumar Awasthi

मंदिर में भगवान के दर्शन के बाद हम वहीं पास के गार्डन की बेंच पर बैठ गए । गार्डन वाकई बहुत सुंदर था । और बहुत बड़ा भी जहाँ ...

पूर्णता की चाहत रही अधूरी - 14
द्वारा Lajpat Rai Garg

पूर्णता की चाहत रही अधूरी लाजपत राय गर्ग चौदहवाँ अध्याय मीनाक्षी के विवाह के आठ-दस महीने बाद की बात है। जब वह ऑफिस से निकली, तभी आँधी चलने लगी। ...

पूर्णता की चाहत रही अधूरी - 13
द्वारा Lajpat Rai Garg

पूर्णता की चाहत रही अधूरी लाजपत राय गर्ग तेरहवाँ अध्याय हरीश को यमुनानगर आये हुए अभी सात-आठ महीने ही हुए थे कि एक दिन उपायुक्त कार्यालय से उसे संदेश ...

ये दिल पगला कहीं का - 16 - अंतिम भाग
द्वारा Jitendra Shivhare

ये दिल पगला कहीं का अध्याय-16 इन्ही विचारों मे मग्न निधि की आंखों से नींद गायब थी। वह करवट बदल रही थी। रात बितने का नाम ही नहीं ले ...

मन के मौसम
द्वारा Dr. Vandana Gupta

चैतन्यअभी बसंती बयार की आहट थमी नहीं थी, कि पतझर की सुगबुगाहट शुरू हो गई थी। ऋतु परिवर्तन सिर्फ बाहरी वातावरण में नहीं होता, एक मौसम मन के भीतर ...

पूर्णता की चाहत रही अधूरी - 12
द्वारा Lajpat Rai Garg

पूर्णता की चाहत रही अधूरी लाजपत राय गर्ग बारहवाँ अध्याय नवम्बर के अन्तिम सप्ताह का शुक्रवार। हरीश जब शाम को घर पहुँचा तो सुरभि ने चाय तैयार कर रखी ...

ये दिल पगला कहीं का - 15
द्वारा Jitendra Shivhare

ये दिल पगला कहीं का अध्याय-15 "कोई बात नहीं दीपक। आपकी असहमती मुझे स्वीकार है। मैंने अपने हृदय की बात आपसे कह दी। मेरे लिए यही बहुत बड़ी बात ...

दर्द ए इश्क - 2
द्वारा Heena katariya

दो साल तक का वक्त बित जाता हैं विकी के फ़ाधर आज एयरपोर्ट पर किसीको पीक अप करने के लिए जा रहे हैं उस हादसे के बाद स्तुति के ...

पूर्णता की चाहत रही अधूरी - 11
द्वारा Lajpat Rai Garg

पूर्णता की चाहत रही अधूरी लाजपत राय गर्ग ग्यारहवाँ अध्याय दीपावली का त्योहार आ रहा था। वरिष्ठ अधिकारियों की कृपादृष्टि बनी रहे, इसलिये कनिष्ठ अधिकारी एवं कर्मचारी इस अवसर ...

वह जो अजनबी था
द्वारा Angelgirlaaliya

            वह बेकरारी से बिस्तर पर करवटें बदल रही थी। दिल को किसी पल सुकून न था। सांसे बोझल महसूस हो रही थीं और ...

पूर्णता की चाहत रही अधूरी - 10
द्वारा Lajpat Rai Garg

पूर्णता की चाहत रही अधूरी लाजपत राय गर्ग दसवाँ अध्याय रविवार को गृहमंत्री का दौरा था। सूर्य पश्चिमोन्मुखी हो चुका था, किन्तु आकाश में चन्द्रमा अभी प्रकट नहीं हुआ ...

ये दिल पगला कहीं का - 14
द्वारा Jitendra Shivhare

ये दिल पगला कहीं का अध्याय-14 किन्तु आशा के व्यवहार में आये आश्चर्यचकित परिवर्तन देखकर सभी हतप्रद थे। सपना के बेटी के उपचार में दिन-रात एक देने वाला आनंद ...

पूर्णता की चाहत रही अधूरी - 9
द्वारा Lajpat Rai Garg

पूर्णता की चाहत रही अधूरी लाजपत राय गर्ग नौवाँ अध्याय दस-ग्यारह दिन हो गये थे प्रमोशन हुए, लेकिन यमुनानगर में हालात अभी भी सामान्य नहीं हुए थे। आन्दोलन की ...

ये दिल पगला कहीं का - 13
द्वारा Jitendra Shivhare

ये दिल पगला कहीं का अध्याय-13 करेगें। (प्रश्न) लेकिन किसे क्या पता चलेगा? (उत्तर) सुगंध और दुर्गन्ध अधिक समय तक छिपाई नहीं जा सकती।' "कृति-कृति!" सहकर्मी स्वरा ने कृति ...

अनजान रीश्ता - 38
द्वारा Heena katariya

पारु पारुल ऐसे ही खयालों में डूबी हुई थी। वहां अविनाश के बारे में सोच रही थी। न जाने क्यों पारुल को ऐसा क्यों लग रहा था जैसे वह ...

नानी तुमने कभी प्यार किया था - 11
द्वारा महेश रौतेला

नानी तुमने कभी प्यार किया था भाग-११मैं उस दिन उसके ठीक सामने बैठी थी।तब तक उसने मेरे से " मैं तुमसे प्यार करता हूँ।" नहीं कहा था।वह मेरे चेहरे को ...

पूर्णता की चाहत रही अधूरी - 8
द्वारा Lajpat Rai Garg

पूर्णता की चाहत रही अधूरी लाजपत राय गर्ग आठवाँ अध्याय मीनाक्षी को विश्रामगृह छोड़कर आने के बाद कैप्टन ने बहादुर को गेट, दरवाज़े बन्द करने के लिये कहकर बेडरूम ...

मिडिल बर्थ - 2
द्वारा Ajay Kumar Awasthi

मिडिल बर्थ पार्ट - 2          जमशेदपुर जाना मेरे लिए मुश्किल नही था । लेकिन मैं वहाँ जा नहीं पा रहा था कारण मेरी अपनी रोजगार के सम्बंध ...

पूर्णता की चाहत रही अधूरी - 7
द्वारा Lajpat Rai Garg

पूर्णता की चाहत रही अधूरी लाजपत राय गर्ग सातवाँ अध्याय सैर से आने के पश्चात् कैप्टन प्रीतम सिंह ने बहादुर को बुलाया और कहा - ‘रामू, नाश्ते में आज ...