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नदी की उँगलियों के निशान - 1
by Kusum Bhatt
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नदी की उंगलियों के निशान हमारी पीठ पर थे। हमारे पीछे दौड़ रहा मगरमच्छ जबड़ा खोले निगलने को आतुर! बेतहाशा दौड़ रही पृथ्वी के ओर-छोर हम दो छोटी लड़कियाँ...! ...

Somewhat लव -
by Yayawargi (Divangi Joshi)
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PART 2 “dear स्तुति,तुम जानती हो किसी कारणवश मेरी पढ़ाई थोड़ी देर से सुरू हुई थी॥ काश, तुम थोड़ी बड़ी होती तो सीधा तुम्हारे पापा के पास सीधा रिस्ता लेके ...

चर्चित यात्राकथाएं - 1
by MB (Official) Verified icon
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इब्नबतूता (1304-1368-69) मोरक्को का निवासी, 22 वर्ष की आयु में यात्रा पर प्रस्थान। 28 वर्ष तक अरब, पूर्वी अफ्रीका, भारत, चीन, फारस, दक्षिणी रूस, मिस्र, फलासतीन् , स्पेन आदि ...

अनुराधा - 1
by Sarat Chandra Chattopadhyay Verified icon
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लड़की के विवाह योग्य आयु होने के सम्बन्ध में जितना भी झूठ बोला जा सकता है, उतना झूठ बोलने के बाद भी उसकी सीमा का अतिक्रमण किया जा चुका ...

फरार
by Prashant Vyawhare
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फरार   वो १९८६ का दौर था जब अंडरवर्ल्ड का बड़ा भाई, उस पावरफुल नेताजी सरकार के कहने पर दुबई भाग गया उसके बाद मुंबई के अंडरवर्ल्ड में खलबली ...

अब लौट चले - 1
by Deepak Bundela Moulik
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अब लौट चले आज मुझें ऐसा लग रहा था कि मै सच में आज़ाद हूं, सारी दुनियां आज पहली बार मुझें नई लग रहीं थी, सब कुछ नया और सुकून ...

मंटो की कलंकित कहानियाँ...
by Saadat Hasan Manto Verified icon
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मंटो की कलंकित कहानियाँ 1.इश्क़िया कहानी 2.उसका पति 3.क़ादिरा क़साई 4.काली सलवार 5.जिस्म और रूह 6.डार्लिंग 7.नंगी आवाज़ें 8.बाँझ 9.लतीका रानी

जिन की मोहब्बत... - भाग 1
by Sayra Khan Verified icon
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मेरी कहानियों को सरहने के लिए आप सबका तहे दिल से बहुत बहुत शुक्रिया आप सबने मेरी कहानियां पसंद की !मेरी इस कहानी को भी आप सबकी सहियोग की ...

नाना नानी की कहानियाँ (भाग - १)
by MB (Official) Verified icon
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नाना नानी की कहानियाँ (भाग - १) - वर्षा जयरथ

अलिफ़ लैला - 1
by MB (Official) Verified icon
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फारस देश भी हिंदुस्तान और चीन के समान था और कई नरेश उसके अधीन थे। वहाँ का राजा महाप्रतापी और बड़ा तेजस्वी था और न्यायप्रिय होने के कारण प्रजा ...

खूँटे - 1
by Kusum Bhatt
  • 3

‘‘मुझे हवा के घूँट पीने हैं....’’ आवाज झमक कर चेतना में गिरती है... सफेद पिलपिले हाथों से चेहरा घुमाने लगा है बेताल - सीधे..... ‘‘लिजलिजे स्पृश के बोझ तले ...

‘ठग्स ओफ हिन्दोस्तान’ फिल्म रिव्यू
by Mayur Patel Verified icon
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फिल्म रिव्यू – ‘ठग्स ओफ हिन्दोस्तान’… दर्शको को वाकइ में ठग लेगी ये वाहियात फिल्म कई सालों से ये होता चला आ रहा है की दिवाली के त्योहार पर रिलिज ...

देहाती समाज - 1
by Sarat Chandra Chattopadhyay Verified icon
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बाबू वेणी घोषाल ने मुखर्जी बाबू के घर में पैर रखा ही था कि उन्हें एक स्त्री दीख पड़ी, पूजा में निमग्न। उसकी आयु थी, यही आधी के करीब। ...

बड़ी दीदी - 1
by Sarat Chandra Chattopadhyay Verified icon
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इस धरती पर एक विशिष्ट प्रकार के लोग भी वसते है। यह फूस की आग की तरह होते हैं। वह झट से जल उठते हैं और फिर चटपट बुझ ...

एक कदम आत्मनिर्भरता की ओर - भाग - 1
by डॉ अनामिकासिन्हा
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दुनिया के इस आपाधापी में राधिका अपने आप को धकेलते हुए आगे बढती जा रही थी। उसे सिर्फ इतना पता था कि किसी भी तरह उसे अपने आप को ...

फोन की घंटी - 1
by Saroj Prajapati
  • 6

फोन की घंटीसंडे का दिन यानी कि सप्ताह का सबसे व्यस्त दिन और अगर आप वर्किंग वूमेन है तो समझ लीजिए ! मैं भी उनमें से एक ही हूं। ...

दीप शिखा - 1
by S Bhagyam Sharma
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जो अपने ख्यालों को ही जीवन समझ लेता है उसका जीवन भी एकविचार ही बन कर रह जाता है उसमें कोई स्वाद या पूर्णता कहाँ से आएगी? संसार में ...

खुशी
by Vishwajit kayal
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खुशी हे ईश्वर सबका कल्याण हो|आपकी महिमा की सदैव स्तुति हो| खुशी वैसे तो बहुत छोटा सा शब्द है लेकिन हमारे जीवन मे इसके मायने बहुत बड़े है|अगर हम ध्यान ...

सबरीना - 1
by Dr. Shushil Upadhyay
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होटल टाशकेंट के बाहर चारों तरफ बर्फ फैली हुई थी। सामने के पार्क में मरियल धूप का एक टुकड़ा बर्फ से लड़ने की कोशिश कर रहा था। सुशांत अभी ...

आमची मुम्बई - 1
by Santosh Srivastav Verified icon
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मेरे बचपन की यादों में जिस तरह अलीबाबा, सिंदबाद, अलादीन, पंचतंत्र की कहानियाँ और अलिफ़ लैला के संग शहर बगदाद आज भी ज़िंदा है उसी प्रकार पिछले सैंतीस वर्षों ...

जीन्न का तोहफा
by Khushi Saifi Verified icon
  • (228)
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कहानी एक आदमी की है जिस पर जिन्न मेहरबान हो जाता है, उसकी मदद करता है लेकिन उस आदमी की सिर्फ एक गलती से नाराज़ हो कर जिन्न क्या ...

स्वाभिमान - लघुकथा - 40
by Seema Bhatia
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रात के बारह बजे थे। बिस्तर के दो कोनों दूर दूर पर पड़े दोनों मन से भी निरंतर दूर होते जा रहे थे। मोहन के दम्भी स्वभाव के आगे ...

डॉमनिक की वापसी - 1
by Vivek Mishra Verified icon
  • 37

वो गर्मियों की एक ऐसी रात थी जिसमें देर तक पढ़ते रहने के बाद, मैं ये सोच के लेटा था कि सुबह देर तक सोता रहूँगा। पर एन उस ...

कमसिन - 1
by Seema Saxena Verified icon
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न तौलना, न मापना, न गिनना कभी हूँ गर्भगृह में समाया निशब्द, निश्छल, निस्वार्थ, अडिग पवित्र प्रेम मैं ! ! होस्टल के कमरे में मनु ने हिलाकर उसे जगाते हुए कहा था, ...

मम्मी पढ़ रही हैं - 1
by Pradeep Shrivastava Verified icon
  • 4

कैसी हो हिमानी, क्या कर रही हो? - ठीक हूं शिवा, दिव्यांश का होमवर्क पूरा करा रही हूं, तुम बताओ तुम क्या कर रही हो? - मैं बहुत टेंशन में हूं यार। आज ...

लव इन कॉलेज - 1
by Abhishek Hada Verified icon
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ये कहानी है सीधे सादे लड़के विक्रम की जो प्यार-मोहब्बत को अवारा नकारा लड़कों के टाइम पास करने का तरीका मानता था। पर फिर उसे प्यार कैसे हुआ क्या ...

बरसात के दिन - 1
by Abhishek Hada Verified icon
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  • 4

नीरज इतनी रात को क्या कर रहा है ? -’’ नीरज ने आदित्य से कहा। रात के 11 बजे चुके थे। और स्कूल टाइम में भी बहुत कम पढ़ने ...

पांच नारंगी गुठलियाँ - 1
by Sir Arthur Conan Doyle Verified icon
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जब भी मेरी नजर '८२ और '९० सालो के बीच मैंने शेरलॉक होम्स के बारे में लिखी टिप्पणियाँ और अभिलेखों के उपर पड़ती है, तब मेरा सामना ऐसी बहोत ...

पहला एस. एम .एस.
by Lakshmi Narayan Panna Verified icon
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राज को हर पल जेनी की याद सताती है और तब राज को पश्चाताप होता अपने आप पर की उस दिन उसने जेनी को कॉल क्यों नही किया जब ...

सच्चे दिल की पुकार
by Rinkal Raja
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हमारे इस जहा में कई किषम के लोग है...! जैसे की कोई आलसी है तो कोई अपने काम में चुस्त...! और कोई कपटी है तो कोई प्रमाणिक...! इस जहा में ...