अँधा प्यार और लूटती आबरू Rishi Agarwal द्वारा पत्रिका में हिंदी पीडीएफ

अँधा प्यार और लूटती आबरू

Rishi Agarwal द्वारा हिंदी पत्रिका

प्रेम हमेशा अमर था और अमर ही रहेगा। हम भी तो कहीं ना कहीं किसी ना किसी को प्रेम करते हैं। पर जैसे-जैसे समय ने अंगड़ाई ली वैसे-वैसे वक्त बदला और बदल गया प्रेम का स्वरूप। आज सच्चे प्रेम ...और पढ़े