मृगछलना राज बोहरे द्वारा प्रेम कथाएँ में हिंदी पीडीएफ

मृगछलना

राज बोहरे द्वारा हिंदी प्रेम कथाएँ

मृगछलना आसमान में हलके से बादल थे। श्वेत-धवल बादल। धूप में खूब गर्माहट थी लेकिन हवा सुरीली (ठंड़ी) थी। यह बसंत का मौसम था। सर्दी जा रहीं थी और गर्मी की पदचाप माहौल में गूँज रही थी। टैम्पो ...और पढ़े