तेरे शहर के मेरे लोग - 14 Prabodh Kumar Govil द्वारा जीवनी में हिंदी पीडीएफ

तेरे शहर के मेरे लोग - 14

Prabodh Kumar Govil द्वारा हिंदी जीवनी

( चौदह )अचानकदिल का दौरा पड़ने से मेरी पत्नी की मृत्यु विश्वविद्यालय के जिस सभागार में हुई थी उसे विश्वविद्यालय प्रशासन ने उन्हीं को, अर्थात अपनी पहली वाइस चांसलर को समर्पित कर दिया और उसका नाम भी उनके नाम ...और पढ़े