इंसानियत Shakuntala Sinha द्वारा लघुकथा में हिंदी पीडीएफ

इंसानियत

Shakuntala Sinha द्वारा हिंदी लघुकथा

कहानी - इंसानियत मैं पूरे दो साल बाद बेटे के साथ पटना आया था . बंगलुरु से पटना तक तो फ्लाइट से आया , पर पटना से अपने गाँव तारेगना तक एक घंटे का सफर ट्रेन से तय ...और पढ़े