तेरे शहर के मेरे लोग - 10 Prabodh Kumar Govil द्वारा जीवनी में हिंदी पीडीएफ

तेरे शहर के मेरे लोग - 10

Prabodh Kumar Govil द्वारा हिंदी जीवनी

( दस ) मुझे बताया गया कि पार्टी राज्य में चुनाव लड़ना चाहती है और इसकी यथासंभव तैयारी की जाए।मैंने शाम को दो घंटे का समय पार्टी के कार्यालय में बैठना शुरू किया और शेष समय महासचिव व अन्य ...और पढ़े