फिर मिलेंगे... कहानी - एक महामारी से लॉक डाउन तक - 14 Sarvesh Saxena द्वारा सामाजिक कहानियां में हिंदी पीडीएफ

फिर मिलेंगे... कहानी - एक महामारी से लॉक डाउन तक - 14

Sarvesh Saxena मातृभारती सत्यापित द्वारा हिंदी सामाजिक कहानियां

लॉक डाउन की आखिरी सुबह.....ध्रुव - “मम्मी.. मम्मी.., नानी.. नाना.. जल्दी ऊपर आओ, जल्दी ऊपर आओ..” |ध्रुव की इस पुकार से सब घबरा गये और छत पर इकट्ठा हो गये | पड़ोसी भी अपनी-अपनी छत पर इकट्ठा हो गए ...और पढ़े