तेरे शहर के मेरे लोग - 5 Prabodh Kumar Govil द्वारा जीवनी में हिंदी पीडीएफ

तेरे शहर के मेरे लोग - 5

Prabodh Kumar Govil द्वारा हिंदी जीवनी

( पांच )ये छः महीने का समय बहुत उथल - पुथल भरा बीता। मैंने अपने बैंक के केंद्रीय कार्यालय को एक वर्ष की अवैतनिक छुट्टी का आवेदन दिया, किन्तु ये आवेदन अस्वीकार हो गया।मुझे बताया गया कि अवैतनिक छुट्टी ...और पढ़े