नानी तुमने कभी प्यार किया था - 8 महेश रौतेला द्वारा प्रेम कथाएँ में हिंदी पीडीएफ

नानी तुमने कभी प्यार किया था - 8

महेश रौतेला द्वारा हिंदी प्रेम कथाएँ

नानी तुमने कभी प्यार किया था? भाग-8उसने तीन-चार रचनाएं प्रकाशनार्थ भेजी हैं। वह आज के प्रदूषित वातावरण पर लिखता है-"इस प्रदूषण भरे शहर मेंमैंने आज तारों कोटिमटिमाते पायाऔर मैं आश्वसत हुआकि मेरे शहर का प्रदूषणआज कम है,सभ्यता आजउच्चतर बिन्दु ...और पढ़े