नशा monika kakodia द्वारा लघुकथा में हिंदी पीडीएफ

नशा

monika kakodia द्वारा हिंदी लघुकथा

"देखना एक दिन मेरा बेटा अफसर बनकर लौटेगा" रुंधे हुए गले और नम आँखों से पिता अपनी बेटी सीमा की पीठ थापथपाते हुए उसे ढांढ़स बंधा रहे थे। पहली बार सीमा अपने घर से दूर जा रही थी। पिता ...और पढ़े