काश में माँ न होती Neerja Dewedy द्वारा महिला विशेष में हिंदी पीडीएफ

काश में माँ न होती

Neerja Dewedy द्वारा हिंदी महिला विशेष

काश! मैं माँ न होती आकाश में घने बादल छाये थे. रह-रह कर बिजली कड़कती थी. जनवरी की ठंड में सरसराती हवा के साथ खिड़की से आती वर्षा की फुहारों से प्राची कँपकँपा उठी. शाल को कंधे से ...और पढ़े